केनोपनिषद

यह उपनिषद सामवेदिये “तलवकार ब्राह्मण” का नवां अध्याय है | इस उपनिषद का प्रारंभ प्रश्न “केन इन्षित..? (यह जीवन किसके द्वारा प्रेरित हुआ है ? ” से हुआ है | इसलिए इसको केन उपनिषद कहा गया है |

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